देवी चालीसा संग्रह
माँ काली चालीसा | Maa Kali Chalisa माँ काली चालीसा 1 ॥ दोहा ॥ जयकाली कलिमलहरण,महिमा अगम अपार। महिष मर्दिनी कालिका,देहु अभय अपार॥ ॥ चौपाई ॥ अरि मद मान मिटावन हारी।मुण्डमाल गल सोहत प्यारी॥ अष्टभुजी सुखदायक माता।दुष्टदलन जग में विख्याता॥ भाल विशाल मुकुट छवि छाजै।कर में...
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माँ सरस्वती चालीसा | Maa Saraswati Chalisa माँ सरस्वती चालीसा 1 ॥ दोहा ॥ जनक जननि पद्मरज,निज मस्तक पर धरि। बन्दौं मातु सरस्वती,बुद्धि बल दे दातारि॥ पूर्ण जगत में व्याप्त तव,महिमा अमित अनंतु। दुष्जनों के पाप को,मातु तु ही अब हन्तु॥ ॥ चौपाई ॥ जय श्री सकल बुद्धि...
देव चालीसा संग्रह
श्री नवग्रह चालीसा | Shri Navgrah Chalisa श्री नवग्रह चालीसा 1 ॥ दोहा ॥ श्री गणपति गुरुपद कमल,प्रेम सहित सिरनाय ।नवग्रह चालीसा कहत,शारद होत सहाय ॥ जय जय रवि शशि सोम,बुध जय गुरु भृगु शनि राज।जयति राहु अरु केतु ग्रह,करहुं अनुग्रह आज ॥ ॥ चौपाई ॥ ॥ श्री सूर्य स्तुति ॥...
देव चालीसा संग्रह
श्री कुबेर चालीसा | Shri Kuber Chalisa श्री कुबेर चालीसा 1 ॥ दोहा ॥ जैसे अटल हिमालय,और जैसे अडिग सुमेर। ऐसे ही स्वर्ग द्वार पे,अविचल खडे कुबेर॥ विघ्न हरण मंगल करण,सुनो शरणागत की टेर। भक्त हेतु वितरण करो,धन माया के ढेर॥ ॥ चौपाई ॥ जै जै जै श्री कुबेर भण्डारी।धन माया के...
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श्री राधा चालीसा | Shri Radha Chalisa श्री राधा चालीसा 1 ॥ दोहा ॥ श्री राधे वुषभानुजा,भक्तनि प्राणाधार। वृन्दाविपिन विहारिणी,प्रानावौ बारम्बार॥ जैसो तैसो रावरौ,कृष्ण प्रिय सुखधाम। चरण शरण निज दीजिये,सुन्दर सुखद ललाम॥ ॥ चौपाई ॥ जय वृषभान कुंवारी श्री श्यामा।कीरति...
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