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कात्यायनी माता व्रत कथा | Katyayani Mata Vrat katha

नवदुर्गा सनातन धर्म में माता दुर्गा अथवा माता पार्वती के नौ रूपों को एक साथ कहा जाता है।इन नवों दुर्गा को पापों की विनाशिनी कहा जाता है, हर देवी के अलग अलग वाहन हैं, अस्त्र शस्त्र हैं परन्तु यह सब एक हैं। दुर्गा सप्तशती ग्रन्थ के अन्तर्गत देवी कवच स्तोत्र में...

Katyayani

स्कंद माता व्रत कथा | Skanda Mata Vrat Katha

नवदुर्गा सनातन धर्म में माता दुर्गा अथवा माता पार्वती के नौ रूपों को एक साथ कहा जाता है।इन नवों दुर्गा को पापों की विनाशिनी कहा जाता है, हर देवी के अलग अलग वाहन हैं, अस्त्र शस्त्र हैं परन्तु यह सब एक हैं। दुर्गा सप्तशती ग्रन्थ के अन्तर्गत देवी कवच स्तोत्र में...

Skandamata

कुष्मांडा माता व्रत कथा | Kushmanda Mata Vrat Katha

नवदुर्गा सनातन धर्म में माता दुर्गा अथवा माता पार्वती के नौ रूपों को एक साथ कहा जाता है।इन नवों दुर्गा को पापों की विनाशिनी कहा जाता है, हर देवी के अलग अलग वाहन हैं, अस्त्र शस्त्र हैं परन्तु यह सब एक हैं। दुर्गा सप्तशती ग्रन्थ के अन्तर्गत देवी कवच स्तोत्र में...

Kushmanda

चंद्रघंटा माता व्रत कथा | Chandraghanta Mata Vrat Katha

नवदुर्गा सनातन धर्म में माता दुर्गा अथवा माता पार्वती के नौ रूपों को एक साथ कहा जाता है।इन नवों दुर्गा को पापों की विनाशिनी कहा जाता है, हर देवी के अलग अलग वाहन हैं, अस्त्र शस्त्र हैं परन्तु यह सब एक हैं। दुर्गा सप्तशती ग्रन्थ के अन्तर्गत देवी कवच स्तोत्र में...

Chandraghanta

ब्रह्मचारिणी माता व्रत कथा | Brahmacharini Mata Vrat Katha

नवदुर्गा सनातन धर्म में माता दुर्गा अथवा माता पार्वती के नौ रूपों को एक साथ कहा जाता है।इन नवों दुर्गा को पापों की विनाशिनी कहा जाता है, हर देवी के अलग अलग वाहन हैं, अस्त्र शस्त्र हैं परन्तु यह सब एक हैं। दुर्गा सप्तशती ग्रन्थ के अन्तर्गत देवी कवच स्तोत्र में...

Brahmacharini
देवी आरती संग्रह
Katyayani
कात्यायनी माता आरती | Katyayani Mata Aarti

कात्यायनी माता आरती | Katyayani Mata Aarti

1जय जय अंबे जय कात्यायनी।जय जगमाता जग की महारानी॥ बैजनाथ स्थान तुम्हारी।वहां वरदानी नाम पुकारा॥ कई नाम है कई धाम हैं।यह स्थान भी तो सुखधाम है॥ हर मंदिर में जोत तुम्हारी।कही योगेश्वरी महिमा न्यारी॥ हर जगह उत्सव होते रहते।हर मंदिर में भक्त हैं कहते॥ 2कात्यायनी रक्षक...

देवी आरती संग्रह
Skandamata
स्कंदमाता आरती | Skand Mata Aarti

स्कंदमाता आरती | Skand Mata Aarti

1जय तेरी हो स्कन्द माता । पांचवां नाम तुम्हारा आता ॥ सबके मन की जानन हारी । जग जननी सबकी महतारी ॥ तेरी जोत जलाता रहूं मैं । हरदम तुझे ध्याता रहूं मै ॥ कई नामों से तुझे पुकारा । मुझे एक है तेरा सहारा ॥ कही पहाड़ों पर है डेरा । कई शहरों में तेरा बसेरा ॥ 2हर मन्दिर में...

देवी आरती संग्रह
Kushmanda
कुष्मांडा माता आरती | Kushmanda Mata Aarti

कुष्मांडा माता आरती | Kushmanda Mata Aarti

1कूष्मांडा जय जग सुखदानी। मुझ पर दया करो महारानी॥ पिगंला ज्वालामुखी निराली। शाकंबरी माँ भोली भाली॥ लाखों नाम निराले तेरे । भक्त कई मतवाले तेरे॥ भीमा पर्वत पर है डेरा। स्वीकारो प्रणाम ये मेरा॥ सबकी सुनती हो जगदंबे। सुख पहुँचती हो माँ अंबे॥ 2तेरे दर्शन का मैं प्यासा।...

देवी आरती संग्रह
Chandraghanta
चंद्रघंटा माता आरती | Chandraghanta Mata Aarti

चंद्रघंटा माता आरती | Chandraghanta Mata Aarti

1जय मां चंद्रघंटा सुख धाम।पूर्ण कीजो मेरे सभी काम ॥ चंद्र समान तुम शीतल दाती।चंद्र तेज किरणों में समाती ॥ क्रोध को शांत करने वाली।मीठे बोल सिखाने वाली ॥ मन की मालक मन भाती हो।चंद्र घंटा तुम वरदाती हो ॥ सुंदर भाव को लाने वाली।हर संकट मे बचाने वाली ॥2हर बुधवार जो...

देवी आरती संग्रह
Brahmacharini
ब्रह्मचारिणी माता आरती | Brahmacharini Mata Aarti

ब्रह्मचारिणी माता आरती | Brahmacharini Mata Aarti

1जय अंबे ब्रह्माचारिणी माता। जय चतुरानन प्रिय सुख दाता॥ ब्रह्मा जी के मन भाती हो। ज्ञान सभी को सिखलाती हो॥ ब्रह्मा मंत्र है जाप तुम्हारा। जिसको जपे सकल संसारा॥ जय गायत्री वेद की माता। जो मन निस दिन तुम्हें ध्याता॥ कमी कोई रहने न पाए। कोई भी दुख सहने न पाए॥  2उसकी...

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Shailputri
शैलपुत्री माता आरती | Shailputri Mata Aarti

शैलपुत्री माता आरती | Shailputri Mata Aarti

1शैलपुत्री मां बैल पर सवार। करें देवता जय जयकार॥ शिव शंकर की प्रिय भवानी। तेरी महिमा किसी ने ना जानी॥ पार्वती तू उमा कहलावे। जो तुझे सिमरे सो सुख पावे॥ ऋद्धि-सिद्धि परवान करे तू। दया करे धनवान करे तू॥ सोमवार को शिव संग प्यारी। आरती तेरी जिसने उतारी॥ 2उसकी सगरी आस...

व्रत कथाएँ
सभी पूर्णिमा व्रत कथा | Purnima Vrat Katha

सभी पूर्णिमा व्रत कथा | Purnima Vrat Katha

फाल्गुन पूर्णिमा - फाल्गुन की पूर्णिमा के दिन होली का पर्व मनाया जाता है।चैत्र पूर्णिमा - चैत्र की पूर्णिमा के दिन हनुमान जयंती मनाई जाती है। चैत्र की पूर्णिमा के दिन प्रेम पूर्णिमा पति व्रत मनाया जाता है।वैशाख पूर्णिमा - वैशाख की पूर्णिमा के दिन बुद्ध जयंती मनाई...

व्रत कथाएँ
सोमवती अमावस्या व्रत कथा | Somvati Amavsya Vrat Katha

सोमवती अमावस्या व्रत कथा | Somvati Amavsya Vrat Katha

सोमवती अमावस्या सोमवार को आने वाली अमावस्या को कहते हैं। इस दिन व्रत और पूजन करना वैवाहिक जीवन पर बड़ा गहरा प्रभाव डाल सकता है।वैवाहिक जीवन मे प्रेम और सद्भाव बढ़ाने के लिए सुहागिन महिलाओं को यह व्रत करना चाहिए। इससे गृह क्लेशों से मुक्ति मिलती है। सुख समृद्धि...

देवी आरती संग्रह
मंगला गौरी आरती | Mangla Gauri Aarti

मंगला गौरी आरती | Mangla Gauri Aarti

॥ मंगला गौरी माता आरती ॥1जय मंगला गौरी माता, जय मंगला गौरी माताब्रह्मा सनातन देवी,शुभ फल दाता॥ ॥ जय मंगला गौरी... ॥ अरिकुल पद्मा विनासनी जय सेवक त्राता,जग जीवन जगदम्बा हरिहर गुण गाता॥ ॥ जय मंगला गौरी... ॥ सिंह को वाहन साजे कुंडल है,साथा देव वधु जहं गावत नृत्य करता...

व्रत कथाएँ
मंगला गौरी व्रत कथा | Mangla Gauri Vrat Katha

मंगला गौरी व्रत कथा | Mangla Gauri Vrat Katha

मंगला गौरी व्रत सावन महीने के मंगलवार को किया जाता है।यह व्रत सुहागिन महिलाएं अखंड सौभाग्यवती की कामना के लिए करती हैं। मान्यता है कि मंगला गौरी व्रत में विधि पूर्वक करने से अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है और दांपत्य जीवन में अथाह प्रेम बना रहता है।संतान...

साप्ताहिक व्रत कथा
सोलह सोमवार व्रत कथा | Solah Somvar Vrat Katha

सोलह सोमवार व्रत कथा | Solah Somvar Vrat Katha

सोमवार के व्रत तीन प्रकार के होते है। सोमवार व्रत , प्रदोष व्रत और सोलह सोमवार व्रत। तीनो व्रत करने की विधि समान ही होती है लेकिन इनकी कथा या कहानी अलग अलग होती है ।हिंदू धर्म के अनुसार, श्रावण को शिवत्व के अनुरूप वर्ष का सबसे पवित्र महिना माना जाता है, तथा...

प्रदोष व्रत कथाएँ
रवि प्रदोष व्रत कथा | Ravi Pradosh Vrat Katha

रवि प्रदोष व्रत कथा | Ravi Pradosh Vrat Katha

हिंदू धर्म के सबसे शुभ व महत्वपूर्ण व्रतों में से एक प्रदोष व्रत होता है जिसमें भगवान शिव की पूजा की जाती हैमाह की त्रयोदशी तिथि में सायंकाल को प्रदोष काल कहा जाता है। इस व्रत को करने से मनुष्यों को उसके सभी दोषों से मुक्ति मिलती है और उसके सभी कष्टों का निवारण...

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