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श्री साई चालीसा | Shri Sai Chalisa
श्री साई चालीसा1॥ चौपाई ॥ पहले साई के चरणों में,अपना शीश नमाऊं मैं।कैसे शिरडी साई आए,सारा हाल सुनाऊं मैं॥ कौन है माता, पिता कौन है,ये न किसी ने भी जाना।कहां जन्म साई ने धारा,प्रश्न पहेली रहा बना॥ कोई कहे अयोध्या के,ये रामचंद्र भगवान हैं।कोई कहता साई बाबा,पवन पुत्र...
श्री चामुण्डा देवी चालीसा | Shri Chamunda Devi Chalisa
श्री चामुण्डा देवी चालीसा1॥ दोहा ॥ नीलवरण मा कालिकारहती सदा प्रचंड। दस हाथो मई ससत्राधार देती दुष्ट को दंड॥ मधु केटभ संहार करकरी धर्म की जीत। मेरी भी पीड़ा हरोहो जो कर्म पुनीत॥ ॥ चौपाई ॥ नमस्कार चामुंडा माता।तीनो लोक मई मई विख्याता॥ हिमाल्या मई पवितरा धाम...
श्री वैष्णो देवी चालीसा | Shri Vaishno Devi Chalisa
श्री वैष्णो देवी चालीसा1॥ दोहा॥ गरुड़ वाहिनी वैष्णवी,त्रिकुटा पर्वत धामकाली,लक्ष्मी, सरस्वती,शक्ति तुम्हें प्रणाम॥ ॥ चौपाई ॥ नमो: नमो: वैष्णो वरदानी,कलि काल मे शुभ कल्याणी। मणि पर्वत पर ज्योति तुम्हारी,पिंडी रूप में हो अवतारी॥ देवी देवता अंश दियो है,रत्नाकर घर जन्म...
श्री ब्रह्मा चालीसा | Shri Brahma Chalisa
श्री ब्रह्मा चालीसा1॥ दोहा॥ जय ब्रह्मा जय स्वयम्भू,चतुरानन सुखमूल। करहु कृपा निज दास पै,रहहु सदा अनुकूल। तुम सृजक ब्रह्माण्ड केअज विधि घाता नाम। विश्वविधाता कीजिये,जन पै कृपा ललाम। ॥ चौपाई ॥ जय जय कमलासान जगमूला।रहहू सदा जनपै अनुकूला॥ रुप चतुर्भुज परम...
श्री गायत्री चालीसा | Shri Gayatri Chalisa
श्री गायत्री चालीसा1॥ दोहा ॥ हीं श्रीं, क्लीं, मेधा, प्रभा,जीवन ज्योति प्रचण्ड। शांति, क्रांति, जागृति, प्रगति,रचना शक्ति अखण्ड॥ जगत जननि, मंगल करनि,गायत्री सुखधाम। प्रणवों सावित्री, स्वधा,स्वाहा पूरन काम॥ ॥ चौपाई ॥ भूर्भुवः स्वः ॐ युत जननी।गायत्री नित कलिमल दहनी॥...
श्री पार्वती चालीसा | Shri Parvati Chalisa
श्री पार्वती चालीसा1॥ दोहा ॥ जय गिरी तनये दक्षजे,शम्भू प्रिये गुणखानि। गणपति जननी पार्वती,अम्बे ! शक्ति ! भवानि॥ ॥ चौपाई ॥ ब्रह्मा भेद न तुम्हरो पावे।पंच बदन नित तुमको ध्यावे॥ षड्मुख कहि न सकत यश तेरो।सहसबदन श्रम करत घनेरो॥ तेऊ पार न पावत माता।स्थित रक्षा लय हिय...
माँ काली चालीसा | Maa Kali Chalisa
माँ काली चालीसा1॥ दोहा ॥ जयकाली कलिमलहरण,महिमा अगम अपार। महिष मर्दिनी कालिका,देहु अभय अपार॥ ॥ चौपाई ॥ अरि मद मान मिटावन हारी।मुण्डमाल गल सोहत प्यारी॥ अष्टभुजी सुखदायक माता।दुष्टदलन जग में विख्याता॥ भाल विशाल मुकुट छवि छाजै।कर में शीश शत्रु का साजै॥ दूजे हाथ लिए मधु...
माँ सरस्वती चालीसा | Maa Saraswati Chalisa
माँ सरस्वती चालीसा1॥ दोहा ॥ जनक जननि पद्मरज,निज मस्तक पर धरि। बन्दौं मातु सरस्वती,बुद्धि बल दे दातारि॥ पूर्ण जगत में व्याप्त तव,महिमा अमित अनंतु। दुष्जनों के पाप को,मातु तु ही अब हन्तु॥ ॥ चौपाई ॥ जय श्री सकल बुद्धि बलरासी।जय सर्वज्ञ अमर अविनाशी॥ जय जय जय वीणाकर...
श्री नवग्रह चालीसा | Shri Navgrah Chalisa
श्री नवग्रह चालीसा1॥ दोहा ॥ श्री गणपति गुरुपद कमल,प्रेम सहित सिरनाय ।नवग्रह चालीसा कहत,शारद होत सहाय ॥ जय जय रवि शशि सोम,बुध जय गुरु भृगु शनि राज।जयति राहु अरु केतु ग्रह,करहुं अनुग्रह आज ॥ ॥ चौपाई ॥ ॥ श्री सूर्य स्तुति ॥ प्रथमहि रवि कहं नावौं माथा,करहुं कृपा जनि...
श्री कुबेर चालीसा | Shri Kuber Chalisa
श्री कुबेर चालीसा1॥ दोहा ॥ जैसे अटल हिमालय,और जैसे अडिग सुमेर। ऐसे ही स्वर्ग द्वार पे,अविचल खडे कुबेर॥ विघ्न हरण मंगल करण,सुनो शरणागत की टेर। भक्त हेतु वितरण करो,धन माया के ढेर॥ ॥ चौपाई ॥ जै जै जै श्री कुबेर भण्डारी।धन माया के तुम अधिकारी॥ तप तेज पुंज निर्भय भय...
श्री राधा चालीसा | Shri Radha Chalisa
श्री राधा चालीसा1॥ दोहा ॥ श्री राधे वुषभानुजा,भक्तनि प्राणाधार। वृन्दाविपिन विहारिणी,प्रानावौ बारम्बार॥ जैसो तैसो रावरौ,कृष्ण प्रिय सुखधाम। चरण शरण निज दीजिये,सुन्दर सुखद ललाम॥ ॥ चौपाई ॥ जय वृषभान कुंवारी श्री श्यामा।कीरति नंदिनी शोभा धामा॥ नित्य विहारिणी श्याम...
श्री सूर्य देव चालीसा | Shri Surya Dev Chalisa
श्री सूर्य देव चालीसा1॥दोहा॥ कनक बदन कुण्डल मकर,मुक्ता माला अङ्ग, पद्मासन स्थित ध्याइए,शंख चक्र के सङ्ग॥ ॥चौपाई॥ जय सविता जय जयति दिवाकर। सहस्त्रांशु सप्ताश्व तिमिरहर॥ भानु पतंग मरीची भास्कर। सविता हंस सुनूर विभाकर॥ विवस्वान आदित्य विकर्तन। मार्तण्ड हरिरूप विरोचन॥...














